239 + Best Hindi poetry on life | मानव जीवन पर कविता
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा !!वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी !! एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार !!वो सहला के मुझे सुला रही थी !! फिर …
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा !!वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी !! एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार !!वो सहला के मुझे सुला रही थी !! फिर …